Ashadh Month 2024 में बन रहा है महाभारत काल जैसा अशुभ संयोग, दुर्योग काल में बढ़ सकती है परेशानी

Ashadh Month 2024: 23 जून से 21 जुलाई तक आषाढ़ मास के दौरान कृष्ण पक्ष में द्वितीया तिथि और चतुर्थी तिथि के क्षय होने से यह पक्ष 13 दिनों की होगी और यह काल दुर्योग (Duryoga) काल के रूप में होगा.

Ashadh Month 2024: आषाढ माह के 23 जून से 21 जुलाई तक बड़ा ही कष्टकारी रहने वाला है आपको बता दे आषाढ मास के कृष्णपक्ष 13 दिन का रहेगा इस पक्ष में चतुर्दशी तिथि का क्षय हो गया है इसलिए यह पक्ष 13 दिन का ही है ज्योतिषशास्त्र के अनुसार ऐसे पक्ष को विश्व शस्त्र अथवा त्रयोदश दिन का पक्ष कहा जाता है यह पक्ष बहुत ही कष्टकारी एवं अशुभ फल देने वाला पक्ष बन रहा है माना जाता है ऐसा पक्ष पुरे विश्व के लिए महाविनाशकारी रहने वाला है ऐसा पक्ष मंगल कार्य हेतु शुभ नहीं होता है.

ऐसा दुर्लभ संयोग जिसमे अतिवृष्टि, अनावृष्टि राजनितिक में भी बदलाव दिखाई देगा. राजसता का परिवर्तन हो सकता है सता में रह रहे लोग के साथ अलगाव की स्थिति बनेगी, समाज में वर्ग, भेद आदि को लेकर उपद्रव होने की संभावना बढ़ जाएगी इससे लगभग पुरे वर्ष तक ऐसी समस्या बनी रहेगी एस स्थिति को ऋषियों ने महाउत्पात के श्रेणी में रखा है समस्त प्रकृति को पीड़ित करने वाले यह दुर्योग काल संक्रामक रोग की वृद्धि कर सकता है. ज्योतिषशास्त्र के अनुसार दुर्योग काल आषाढ मास में 23 जून 2024 से 21 जुलाई 2024 तक बना रहेगा महाभारत काल के समय यह संयोग बना हुआ था जिसे बहुत परेशानी हुई थी.

इस पक्ष में शुभ कार्य नहीं होंगे

देवगुरु वृहस्पति 03 जून से उदय है अब तक शुक्र अस्त थे शुक्र उदय 28 जून को पश्चिम दिशा में उदय होंगे फिर भी मांगलिक कार्य जैसे विवाह,गृह प्रवेश ,वास्तु पूजन मुंडन संस्कार ,नामकरण इत्यादि सभी कार्य वर्जित होंगे.

वर्षा का संयोग कैसा रहेगा

आषाढ मास के प्रथम सप्ताह में वर्षा गर्जन के साथ होनी चाहिए अगर नहीं हुआ तो आगे आगे दो महीनो में वर्षा का अभाव रह सकता है ऐसे पक्ष में कई तरह से परेशानी बनती है ऐसा माना जाता है वर्षा होगी तो अच्छी होने की संभावना है फसल अच्छा होगा.

इस पक्ष का प्रभाव कैसा रहेगा

विश्व शस्त्र संयोग बनने के कारण प्राकृतिक प्रकोप बढ़ने की आशंका जताई जा रही है आषाढ कृष्ण पक्ष 13 दिन का होगा.ज्योतिष शास्त्र में इसे दुर्योग काल माना जा रहा है ऐसा संयोग कई वर्षो में बनता है और इसे विश्व शास्त्र पक्ष कहते है.महाभारत युद्ध के पहले 13 दिन का ऐसा दुर्योग काल आया था उस समय बड़ी जनधन की हानि हुई थी घनघोर युद्ध हुआ था इस वर्ष यह दुर्योग काल के कारण प्रकृति का प्रकोप बढ़ने की आशंका बन रही है आषाढ कृष्ण पक्ष 13 दिन का है जिसे पृथ्वी पर जन हानि युद्ध की संभवाना होती है पुरे विश्व के लिए कष्टकारी होता है इस पक्ष में दैनिक उपयोग में आने वाले वस्तु पर इसका प्रभाव देखा जा सकता है सभी के भाव में तेजी होगी .

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ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
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लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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