Aja Ekadashi 2026: आज 7 सितंबर, सोमवार को अजा एकादशी का त्योहार मनाया जा रहा है. यह पर्व हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को रखने से व्यक्ति के अनजाने में हुए समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है. कहते हैं कि सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र ने भी महर्षि गौतम के कहने पर अजा एकादशी का व्रत किया था, जिससे उन्हें खोया हुआ राजपाट, परिवार और सुख वापस प्राप्त हुआ था.
अजा एकादशी 2026: शुभ मुहूर्त और तिथियां
- एकादशी तिथि प्रारंभ: 6 सितंबर 2026, शाम 07:29 बजे
- एकादशी तिथि समाप्त: 7 सितंबर 2026, शाम 05:03 बजे
- व्रत तिथि (उदया तिथि): 7 सितंबर 2026, सोमवार
- अमृत काल: दोपहर 12:29 बजे से दोपहर 01:59 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 01:22 बजे से दोपहर 02:14 बजे तक
- व्रत पारण का समय (द्वादशी तिथि): 8 सितंबर 2026, सुबह 06:02 बजे से सुबह 08:33 बजे तक
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अजा एकादशी पूजन विधि
- सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें और हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें.
- एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाएं और उस पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर रखें.
- भगवान विष्णु को गंगाजल और पंचामृत से स्नान कराएं. इसके बाद चंदन, रोली, पीले फूल, अक्षत और धूप-दीप अर्पित करें.
- भगवान विष्णु को पीले फल, मिठाई, पंजीरी और पंचामृत का भोग लगाएं. भोग में तुलसी दल जरूर रखें.
- अजा एकादशी की व्रत कथा पढ़ें या सुनें. अंत में भगवान विष्णु की आरती करें.
भगवान विष्णु के मंत्र
ॐ विष्णवे नमः।
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।
ॐ नमो नारायण। श्रीमन नारायण नारायण हरि हरि।।
श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारे। हे नाथ नारायण वासुदेवाय।।
ॐ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।।
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