Rangbhari Ekadashi Lord Shiva Aarti: आज 27 फरवरी को रंगभरी एकादशी का पर्व मनाया जा रहा है. हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व माना जाता है. यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित होता है. फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को रंगभरी एकादशी कहा जाता है. इसे आंवला एकादशी, आमलका एकादशी या आमलकी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन भक्त व्रत रखते हैं और भगवान विष्णु के साथ भगवान महादेव की भी पूजा करते हैं. मान्यता है कि सच्चे मन से व्रत और पूजा करने से पापों का नाश होता है और सुख-समृद्धि मिलती है. रंगभरी एकादशी के दिन भगवान शिव की आरती करना बहुत शुभ माना जाता है. कहा जाता है कि इससे मनोकामनाएं पूरी होती हैं और घर में शांति व खुशहाली आती है. इस दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें, पूजा करें, मंत्र जाप करें और आरती जरूर करें. श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई पूजा का फल अवश्य मिलता है.
शिव जी की आरती
जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा ।
ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा ॥ ॐ जय शिव…॥
एकानन चतुरानन पंचानन राजे ।
हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे ॥ ॐ जय शिव…॥
दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे।
त्रिगुण रूपनिरखता त्रिभुवन जन मोहे ॥ ॐ जय शिव…॥
अक्षमाला बनमाला रुण्डमाला धारी ।
चंदन मृगमद सोहै भाले शशिधारी ॥ ॐ जय शिव…॥
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे ।
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे ॥ ॐ जय शिव…॥
कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूल धर्ता ।
जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता ॥ ॐ जय शिव…॥
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका ।
प्रणवाक्षर मध्ये ये तीनों एका ॥ ॐ जय शिव…॥
काशी में विश्वनाथ विराजत नन्दी ब्रह्मचारी ।
नित उठि भोग लगावत महिमा अति भारी ॥ ॐ जय शिव…॥
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त्रिगुण शिवजीकी आरती जो कोई नर गावे ।
कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे ॥ ॐ जय शिव…॥
