Surya Grahan: ज्योतिष शास्त्र और सनातन परंपरा में सूर्य ग्रहण को एक महत्वपूर्ण खगोलीय और धार्मिक घटना माना जाता है. शास्त्रों के अनुसार, ग्रहण काल की तरह ही ग्रहण समाप्त होने के बाद का समय भी महत्वपूर्ण होता है. मान्यता है कि ग्रहण समाप्ति के बाद अनजाने में की गई कुछ गलतियां घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ा सकती हैं और शारीरिक व मानसिक परेशानियां खड़ी कर सकती हैं. आइए जानते हैं, ग्रहण समाप्त होने के बाद किन गलतियों से बचना चाहिए.
ग्रहण समाप्त होने के बाद भी न करें ये 5 गलतियां
- बिना स्नान किए मंदिर या रसोई में जाना: ग्रहण समाप्त होते ही बिना स्नान किए दैनिक कार्य शुरू करना धार्मिक मान्यताओं में उचित नहीं माना जाता. मान्यता है कि ग्रहण के दौरान वातावरण में नकारात्मक तरंगें रहती हैं. इसलिए स्नान के बाद ही पूजा-पाठ करें और रसोई में प्रवेश करें.
- भगवान की मूर्तियों को छूना: ग्रहण के तुरंत बाद मंदिर की मूर्तियों या तुलसी के पौधे को स्पर्श नहीं करना चाहिए. ग्रहण के बाद मंदिर की सफाई करने और मूर्तियों पर गंगाजल का छिड़काव करने की मान्यता है.
- ग्रहण काल में रखा हुआ भोजन खाना: यदि ग्रहण से पहले बने भोजन में कुशा या तुलसी के पत्ते नहीं डाले गए थे, तो ग्रहण समाप्त होने के बाद ऐसे भोजन का सेवन करने से बचना चाहिए. माना जाता है कि ग्रहण के प्रभाव से भोजन अशुद्ध हो सकता है.
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- गर्भवती महिलाओं द्वारा स्नान में लापरवाही: ग्रहण समाप्त होने के बाद गर्भवती महिलाओं को स्नान करने की सलाह दी जाती है. साथ ही, ग्रहण के तुरंत बाद भारी शारीरिक श्रम करने से बचना चाहिए.
हालांकि, ये धार्मिक मान्यताएं उन्हीं स्थानों पर लागू मानी जाती हैं, जहां ग्रहण दिखाई देता है. चूंकि 12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा. ऐसे में लोग सामान्य दिनों की तरह अपनी सभी गतिविधियां कर सकते हैं.
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