भाई को राखी बांधते समय भूलकर भी न करें ये 4 गलतियां, वरना नहीं मिलेगा शुभ फल

रक्षा बंधन का पर्व भाई-बहन के रिश्ते का खास प्रतीक है. इस लेख में जानें राखी बांधते समय किन 4 गलतियों से बचना चाहिए ताकि पर्व का शुभ फल प्राप्त हो.

Raksha Bandhan 2026: रक्षा बंधन का पर्व भाई-बहन के पवित्र रिश्ते, प्रेम और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है. श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाए जाने वाले इस त्योहार पर बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और सफलता की कामना करते हुए उनकी कलाई पर राखी बांधती हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रक्षा बंधन पर राखी बांधते समय कुछ नियमों का ध्यान रखना चाहिए. मान्यता है कि शुभ समय और सही विधि से राखी बांधने से शुभ फल की प्राप्ती होती है. ऐसे में आइए जानते हैं राखी बांधते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और कौन-सी गलतियों से बचना चाहिए.

भाई को राखी बांधते हुए बहन की सांकेतिक तस्वीर (एआई)

राखी बांधते समय क्या न करें?

भद्रा काल में न बांधें राखी

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भद्रा काल में राखी बांधना अशुभ होता है. इसलिए भद्रा समाप्त होने के बाद ही शुभ मुहूर्त में भाई की कलाई पर राखी बांधनी चाहिए.

काले कपड़े पहनने से बचें

रक्षा बंधन पर भाई-बहन दोनों को काले रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए. काले रंग को शुभ कार्यों के लिए उचित नहीं माना जाता है.

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खंडित चावल का इस्तेमाल न करें

राखी बांधने के दौरान भाई के माथे पर तिलक लगाने के बाद अक्षत चढ़ाए जाते हैं. इसके लिए हमेशा साबुत चावल का ही इस्तेमाल करना चाहिए. धार्मिक कार्यों में टूटे हुए चावल प्रयोग शुभ नहीं माना जाता है.

टूटी हुई राखी न बांधें

राखी खरीदते समय ध्यान रखें कि वह कहीं से टूटी या खराब न हो. साथ ही, राखी पर किसी तरह का अशुभ या अनुचित प्रतीक बना हुआ नहीं होना चाहिए.

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लेखक के बारे में

By नेहा कुमारी

नेहा कुमारी वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में धर्म बीट पर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वह व्रत-त्योहार, राशिफल, पंचांग, ज्योतिष, शुभ मुहूर्त, पौराणिक कथाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेख लिखती हैं. उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है.

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