Raj Panchak 2026: पंचक की शुरुआत हो चुकी है, ऐसे में आने वाले अगले पांच दिनों तक कुछ कार्यों में सावधानी बरतना बेहद जरूरी माना जाता है. यह समय विशेष सतर्कता और शुभ कार्यों को सोच-समझकर करने का संकेत देता है. ज्योतिष शास्त्र में पंचक को एक विशेष और संवेदनशील समय माना जाता है. हालांकि जब पंचक की शुरुआत सोमवार से होती है, तो इसे राज पंचक कहा जाता है, जिसे सामान्य पंचक की तुलना में अधिक शुभ और सकारात्मक माना जाता है. ज्योतिषाचार्य चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु: ने बताया कि इस बार राज पंचक 16 मार्च 2026 दिन सोमवार की शाम 6 बजकर 14 मिनट से शुरू हो चुके हैं और यह 20 मार्च 2026 की देर रात 2 बजकर 28 मिनट तक प्रभावी रहेंगे. यह पंचक धनिष्ठा नक्षत्र से आरंभ होकर रेवती नक्षत्र तक चलता है. इन पांच दिनों को जीवन में सावधानी के साथ सही निर्णय लेने का समय माना जाता है.
Raj Panchak 2026: क्यों खास माना जाता है राज पंचक
ज्योतिष शास्त्र में पंचक के कई प्रकार बताए गए हैं, जिनमें राज पंचक को सबसे शुभ माना जाता है. नाम के अनुसार यह पंचक राजसी सुख, प्रतिष्ठा, धन और सफलता देने वाला होता है. इसलिए इस दौरान कुछ कार्य विशेष रूप से फलदायी माने जाते हैं.
राज पंचक में कौन से काम करना माना जाता है शुभ
सरकारी और प्रशासनिक कार्य: राज पंचक सरकारी कामों के लिए काफी अनुकूल माना जाता है. यदि किसी सरकारी योजना, नौकरी आवेदन, फाइल या लंबे समय से अटके सरकारी काम को आगे बढ़ाना हो, तो यह समय लाभकारी साबित हो सकता है.
व्यापार और करियर से जुड़े फैसले: अगर आप अपने कारोबार को बढ़ाने, नया प्रोजेक्ट शुरू करने या नई साझेदारी करने की योजना बना रहे हैं, तो राज पंचक का समय इसके लिए शुभ माना जाता है.
संपत्ति का क्रय-विक्रय: जमीन, मकान या अन्य संपत्ति से जुड़े सौदे भी इस दौरान किए जा सकते हैं. हालांकि बड़े निवेश से पहले अपनी कुंडली के ग्रहों की स्थिति किसी अनुभवी ज्योतिषी से जरूर जांचवा लेना बेहतर माना जाता है.
आध्यात्मिक साधना और पूजा: सोमवार से शुरू होने वाले पंचक भगवान शिव से जुड़े माने जाते हैं. इन दिनों में भगवान शिव और भगवान विष्णु की पूजा, मंत्र जाप, ध्यान और व्रत करने से मानसिक शांति मिलती है और जीवन की बाधाएं कम होती हैं.
दान-पुण्य करना शुभ: राज पंचक के दौरान जरूरतमंदों को दान करना बहुत पुण्यदायी माना जाता है. गरीबों और असहाय लोगों की मदद करने से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है.
राज पंचक में इन बातों का रखें विशेष ध्यान
लकड़ी से जुड़े काम: पंचक के दौरान घर में नया फर्नीचर बनवाना, लकड़ी खरीदना या लकड़ी से जुड़े बड़े काम करना शास्त्रों में वर्जित माना गया है.
अंतिम संस्कार से जुड़ी परंपरा: यदि पंचक के समय किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाए, तो दाह संस्कार के समय विशेष शांति कर्म किया जाता है. शास्त्र में पंचक दोष से बचने के लिए पांच पुतलों का विधान करने की परंपरा बताई गई है.
Also Read: चैत्र नवरात्रि और हिंदू नववर्ष 19 मार्च से शुरू, जानें मां दुर्गा की सवारी, घटस्थापना का मुहूर्त
