प्रियंका गांधी के शिमला वाले घर को लेकर क्यों मचा है बवाल, जानिए कितनी है कीमत

Priyanka Gandhi Property Controversy : वायनाड लोकसभा क्षेत्र के उपचुनाव में प्रियंका गांधी के नाॅमिनेशन के बाद से उनकी संपत्ति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. विपक्षी पार्टी बीजेपी हमलावर है और यह आरोप लगा रही है कि वे अपने शिमला वाले घर की कीमत कम बता रही हैं, साथ ही पार्टी का यह आरोप भी है कि वे यह बताएं कि उनके आय का स्रोत क्या है और उन्होंने इतनी महंगी जमीन कैसे खरीदी है? क्या वे अपने पति की तरह ही गलत तरह से जमीन की खरीद-बिक्री में शामिल हैं. आइए जानते हैं प्रियंका गांधी के शिमला वाले घर की कीमत कितनी है.

Priyanka Gandhi Property Controversy : कांग्रेस की नेता और अबतक सोनिया गांधी की बेटी और राहुल गांधी की बहन के रूप में ज्यादा जानी जाने वालीं प्रियंका गांधी ने वायनाड लोकसभा क्षेत्र में हो रहे उपचुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया है. लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी ने वायनाड सीट से इस्तीफा दे दिया और रायबरेली सीट को अपने पास रखा है. वायनाड से उनके इस्तीफे के बाद अंतत: प्रियंका गांधी पहली बार चुनाव लड़ेंगी. 52 साल की प्रियंका गांधी को पहली बार चुनाव लड़ने का मौका मिला है. प्रियंका गांधी के नामांकन के बाद उनकी संपत्ति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. बीजेपी ने आरोप लगाया है कि प्रियंका गांधी ने अपनी जमीनों की जो कीमत एफिडेविट में बताई है वह गलत है, साथ ही बीजेपी ने प्रियंका गांधी वाड्रा से यह सवाल भी पूछा है कि जिन जमीनों को उन्होंने 2013 में खरीदा था, उसके लिए उनके पास पैसे कहां से आए थे, उनकी आय का स्रोत क्या था?


प्रियंका गांधी के पास है 12 करोड़ की संपत्ति?

प्रियंका गांधी ने जो एफिडेविट दाखिल किया है उसके अनुसार उनके पास कुल चल-अचल संपत्ति 12 करोड़ की है, जबकि उनके पति के पास कुल संपत्ति 66 करोड़ की है. प्रियंका गांधी की संपत्ति को लेकर जो विवाद है उसके अनुसार प्रियंका गांधी ने अपने शिमला वाले घर की जमीन की कीमत 1 करोड़ नौ लाख 90 हजार 666 रुपए बताई है, यह कीमत उस वक्त की है, जब उन्होंने यह जमीन खरीदी थी. अब इस जमीन की कीमत पांच करोड़ 63 लाख 99 हजार हो गई है. यानी कीमत में पांच गुना बढ़ोतरी हुई है. बीजेपी का आरोप है कि प्रियंका गांधी अपने घर और जमीन की कीमत कम बता रही हैं. प्रियंका गांधी की कुल आय वित्तीय वर्ष 2023-24 में 46 साल 39 हजार सौ रुपए है, जबकि उनके पति की आय 15 लाख नौ हजार 220 रुपए है. प्रियंका की आय का स्रोत किराया, बैंक के ब्याज और अन्य निवेशों से आय है. उनके पास कैश इन हैंड मात्र 52 हजार रुपए हैं, जबकि उनके पति के पास हैं दो लाख 18 हजार 84 रुपए हैं.

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शिमला के घर की कीमत क्या हो सकती है?

प्रियंका गांधी ने जब यह जमीन खरीदा था, उस वक्त भी काफी विवाद हुआ था, क्योंकि लैंड रिफॉर्म्स एक्ट के सेक्शन-118 के अुनसार हिमाचल प्रदेश में कोई भी बाहरी व्यक्ति जमीन नहीं खरीद सकता है. उस वक्त नियमों में ढील दी गई थी और यह बात भी उठी थी कि प्रियंका गांधी को काफी कम कीमत पर जमीन मुहैया कराई गई है, जबकि उनकी मार्केट वैल्यू उस वक्त अधिक थी.


आलीशान है प्रियंका गांधी का शिमला वाला घर


प्रियंका गांधी का शिमला में जो घर है, वह बेहद खूबसूरत है और उसे बहुत ही बेहतरीन तरीके से बनाया गया है. इस घर को हिमाचल की प्राचीन काष्ठकुणी कला के अनुसार बनाया गया है. इस शैली में बने मकानों में सीमेंट का उपयोग नहीं किया जाता है. यह सिर्फ लकड़ी और पत्थरों के जरिए बनाए जाते हैं. इसमें गोबर और मिट्टी का प्रयोग होता है. यह घर पर्यावरण के अनुकूल होते हैं और भूकंप का प्रभाव भी इनपर नहीं पड़ता है.

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Published by: Rajneesh anand

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रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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