Indo-US Relation: भारतीय छात्र कर रहे अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत, जानिए कितना योगदान देते हैं भारतीय छात्र

उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका भारतीय छात्रों का सबसे पसंदीदा गंतव्य है. मई 2024 तक, लगभग 3,51,000 भारतीय छात्र अमेरिका में पढ़ाई कर रहे थे.

Indo-US Relation : हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आमंत्रण पर दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर अमेरिका गये थे. बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये. इसी संदर्भ में यहां हम जानते हैं भारत और अमेरिका के बीच शिक्षा क्षेत्र में साझेदारी समेत अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदायों और अमेरिका से सांस्कृतिक संबंधों के बारे में.

अमेरिकी अर्थव्यवस्था में भारतीय छात्रों का योगदान

शिक्षा के क्षेत्र में साझेदारी, भारत-अमेरिका संबंधों का महत्वपूर्ण स्तंभ है. इस साझेदारी को हम निम्न बिंदुओं के माध्यम से जान सकते हैं.

  • फुलब्राइट-नेहरू द्विराष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत दोनों देश अमेरिकी और भारतीय विद्वानों, पेशेवरों और छात्रों को फुलब्राइट-नेहरू छात्रवृत्ति और अनुदान देते हैं.
  • वर्ष 2015 में भारत ने ग्लोबल इनिशिएटिव ऑफ एकेडमिक नेटवर्क्स (जीआइएएन) लॉन्च किया था. इसका उद्देश्य प्रतिवर्ष 1000 अमेरिकी शिक्षकों को भारत आने की सुविधा मुहैया कराना है, ताकि वे यहां आकर पढ़ा सकें.
  • उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका भारतीय छात्रों का सबसे पसंदीदा गंतव्य है. मई 2024 तक, लगभग 3,51,000 भारतीय छात्र अमेरिका में पढ़ाई कर रहे थे, जिनमें से अधिकतर एसटीइएम क्षेत्रों में स्नातक (परास्नातक) कर रहे हैं. अमेरिकी विदेश विभाग की वेबसाइट के अनुसार, अमेरिका में भारतीय छात्र अमेरिकी अर्थव्यवस्था में प्रतिवर्ष लगभग आठ अरब डॉलर का योगदान देते हैं.

इन सबके अतिरिक्त, भारत-अमेरिका शिक्षा के अनेक क्षेत्रों में एक-दूसरे के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.

भारतीय मूल तीसरा सबसे बड़ा एशियाई जातीय समूह

अमेरिका में लगभग 44 लाख भारतीय अमेरिकी/भारतीय मूल के लोग रहते हैं. भारतीय मूल के लोग (31 लाख, 40 हजार) अमेरिका में तीसरे सबसे बड़े एशियाई जातीय समूह हैं. यहां अनेक भारतीय अमेरिकी सामुदायिक संगठन और भारतीय अमेरिकियों के पेशेवर संगठन हैं. भारतीय अमेरिकी यहां के सबसे सफल समुदायों में से एक हैं और राजनीति सहित विभिन्न क्षेत्रों में उन्होंने अपनी पहचान बनायी है. इन भारतीय प्रवासियों ने भारत-अमेरिका के बीच संबंधों को घनिष्ठ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है.

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सांस्कृतिक रिश्ते

दोनों देशों के बीच एक मजबूत सांस्कृतिक संबंध है, जो कई रूपों में प्रकट होता है. अमेरिकी विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में भारत को केंद्र में रखकर कई शैक्षिक कार्यक्रम चल रहे हैं. भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास भारतीय संस्कृति के विविध पहलुओं को प्रदर्शित करने के लिए विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं. भारतीय सांस्कृतिक विरासत, भारतीय त्योहारों और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, विश्व हिंदी दिवस, गांधी जयंती, आयुर्वेद दिवस जैसे कार्यक्रम समय-समय पर भारतीय प्रवासियों और भारत के दोस्तों की भागीदारी के साथ आयोजित किये जाते हैं. भारतीय प्रवासी सांस्कृतिक संगठन, विशेषकर युवा पीढ़ी में भारतीय संस्कृति को सक्रिय रूप से बढ़ावा देने में लगे हुए हैं.

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By Aarti srivastava

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