गूगल ट्रेंड में इंडियन प्रीमियर लीग पिछले 5 साल से नंबर वन, कोरोना वायरस भी नहीं तोड़ पाया था बादशाहत

Indian Premier League : आईपीएल के प्रति भारतीयों की दीवानगी कितनी है, इसका पता साल 2024 के गूगल ट्रेंड को देखकर चलता है. 2024 में टी-20 विश्वकप और ओलंपिक 2024 का भी आयोजन किया गया था, लेकिन इन सबकी लोकप्रियता को पीछे छोड़ते हुए टॉप ट्रेंड में इंडियन प्रीमियर लीग शीर्ष पर है.

Indian Premier League : इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल को लोगों का प्यार लगातार मिल रहा है और साल 2024 में भी यह भारत में सबसे अधिक गूगल सर्च किए जाने वाले विषयों में शामिल  रहा. गूगल द्वारा जारी ट्रेंड्‌स को देखें तो 2024 में इंडियन प्रीमियर लीग सबसे अधिक सर्च किए जाने वाले टॉपिक में शीर्ष पर रहा.साल 2024 भारत के लिए कई महत्वपूर्ण इवेंट का वर्ष रहा क्योंकि ओलंपिक और टी-20 विश्वकप जैसे बड़े खेल इवेंट भी इस वर्ष हुए, जिसमें भारत का प्रदर्शन शानदार रहा.

Indian Premier League : लोकसभा चुनाव पर भी हावी आईपीएल

साल 2024 के गूगल ट्रेंड को देखें, तो ओवरआल सर्च में इंडियन प्रीमियर लीग टॉप पर अपना स्थान बनाए हुए है. उसके बाद टी-20 वर्ल्ड कप, भारतीय जनता पार्टी, इलेक्शन रिजल्ट 2024 और ओलंपिक 2024 टॉप फाइव में शामिल हैं. छठे स्थान पर अत्यधिक गर्मी (Excessive Heat), सातवें स्थान पर रतन टाटा, आठवें स्थान पर इंडियन नेशनल कांग्रेस, नौवें स्थान पर प्रो कबड्डी लीग और 10वें स्थान पर इंडियन सुपर लीग काबिज है. गूगल के इस ट्रेंड को देखें तो यह कहा जा सकता है कि खेल में आम लोगों की रुचि बहुत ज्यादा है और वे लोकसभा चुनाव जैसे अहम मुद्दे से भी ज्यादा खेल और खिलाड़ी में रुचि लेते हैं, तभी टॉप 2 में खेल ही ट्रेंड कर रहा है. नौवें और दसवें स्थान पर भी प्रो कबड्डी लीग और इंडियन सुपर लीग ही ट्रेंड कर रहा है. रतन टाटा का निधन नौ अक्टूबर को हुआ और वे गूगल के टॉप सर्च में सातवें स्थान पर आ गए, जिससे यह साबित होता है कि देश के लोग अपने सपूतों के प्रति पूरी श्रद्धा रखते हैं और उनके बारे में जानने की इच्छा भी रखते हैं. 

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इंडियन प्रीमियर लीग 2020 से बना हुआ है लोगों की पहली पसंद

आईपीएल का उन्माद. कप के साथ ऋतुराज गायकवाड़

गूगल ट्रेंड पर नजर दौड़ाएं तो हम पाते हैं कि इंडियन प्रीमियर लीग 2020 से 2024 तक यानी पिछले पांच साल से भारतीयों की पहली पसंद बना हुआ है. 2020 में जब कोरोनावायरस का प्रकोप था तब भी इंडियन प्रीमियर लीग सर्च में टॉप वन पर कायम था और कोरोनावायरस उसके बाद दूसरे नंबर पर था. 2021 में भी जब कोरोना की दूसरी लहर ने हजारों लोगों को अपना शिकार बनाया था और भारत सरकार ने वैक्सीनेशन की शुरुआत कर दी थी, उस वक्त भी इंडियन प्रीमियर लीग सर्च में टाॅप वन पर था और कोविन एप (CoWIN) दूसरे नंबर पर था. 2022 में भी इंडियन प्रीमियर लीग टॉप सर्च में नंबर वन था और कोविन (CoWIN) दूसरे नंबर पर रहा. साल 2023 में भी इंडियन प्रीमियर लीग की तूती बोल रही थी और 2024 में भी इंडियन प्रीमियर लीग टॉप सर्च में शीर्ष पर काबिज है.

इंडियन प्रीमियर लीग 2025 मार्च से होगा शुरू

इंडियन प्रीमियर लीग 2025 की तैयारी हो चुकी है. फ्रेंचाइजी अपने-अपने खिलाड़ियों को रिटेन कर चुके हैं और नीलामी भी पूरी हो गई है. ऋषभ पंत 27 करोड़ में बिकने वाले आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी बने हैं. संभावना जताई जा रही है कि 14 मार्च से आईपीएल की शुरुआत हो जाएगी. IPL का गठन 2007 में बीसीसीआई द्वारा किया गया था और 2008 में इसका पहला एडिशन खेला गया था.

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FAQ : आईपीएल का पहला सीजन कब खेला गया था?

आईपीएल का पहला सीजन 2008 में खेला गया था.

आईपीएल के इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी कौन हैं?

आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी ऋषभ पंत हैं, जिन्हें 27 करोड़ में खरीदा गया है.

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लेखक के बारे में

Author: Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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