ऑपरेशन सिंदूर : पाकिस्तान के अंदर 100 किलोमीटर घुसा भारत, वो भी हवाई क्षेत्र के इंच का भी उल्लंघन किए बिना

India Pakistan War : भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान बौखलाया हुआ है और एलओसी पर लगातार फायरिंग कर रहा है. ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने नौ ठिकानों पर 24 हमले किए और सब के सब सफल रहे. गौर करने वाली बात यह है कि भारतीय सेना ने एक इंच भी अपने हवाई क्षेत्र का उल्लंघन नहीं किया. जैश ए मोहम्मद और लश्कर ए तैयबा के हेड क्वार्टर को तबाह किया गया और यह सबकुछ संभव हो पाया राफेल जेट की मदद से. बहावलपुर जो कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से 100 किलोमीटर अंदर है, उसे भी सेना ने टारगेट बनाया और वहां जैश ए मोहम्मद का हेड क्वार्टर उड़ाया.

India Pakistan War : बहावलपुर यह नाम बुधवार से लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि भारत ने पाकिस्तान के अंदर जिन इलाकों पर स्ट्राइक किया, उनमें बहावलपुर प्रमुख है. बहावलपुर पाकिस्तान का एक अहम शहर है और सबसे बड़ी बात यह है कि यहां जैश ए मोहम्मद का हेड क्वार्टर था. जैश ए मोहम्मद के इस ठिकाने को भारतीय सेना ने अपने स्ट्राइक में पूरी तरह बर्बाद कर दिया है. भारतीय स्ट्राइक में आतंकी मसूद अजहर तो बच गया, लेकिन उसके परिवार के 10 लोग सहित 14 लोग मारे गए हैं.

बहावलपुर को भारतीय सेना ने क्यों बनाया निशाना

बहावलपुर में जैश ए मोहम्मद का हेडक्वार्टर ध्वस्त

भारतीय सेना और विदेश मंत्रालय के ब्रीफिंग में जो जानकारी दी गई है, उसके अनुसार भारत ने पाकिस्तान के जिन 9 स्थानों पर स्ट्राइक किया, उनको चिह्नित करने का काम भारतीय इंटेलिजेंस राॅ ने किया था. भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उन्होंने सिर्फ उनको मारा, जिन्होंने हमें मारा था, यानी भारत ने सिर्फ आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई की है. इस लिहाज से भारत का जैश ए मोहम्मद के ठिकाने पर हमला करना बहुत जरूरी था, क्योंकि जैश ए मोहम्मद ने भारत में कई आतंकवादी हमलों को अंजाम दिया है, जिनमें 2001 में हुआ संसद पर हमला, उरी हमला, पठानकोट आर्मी बेस पर हमला और पुलवामा हमला भी शामिल है. यही वजह है कि भारतीय सेना ने जैश ए मोहम्मद के ठिकाने को बर्बाद करने के लिए बहावलपुर को चुना. लेफ्टिनेंट कर्नल जेएस सोढ़ी (रिटायर्ड) बताते हैं कि बहावलपुर पाकिस्तान में स्थित है और यहां जैश ए मोहम्मद का हेड क्वार्टर था, जिसे हमने पूरी तरह बर्बाद कर दिया है. भारतीय सेना ने इस बार आतंकियों के हेड क्वार्टर्स पर अटैक किया है और जैश ए मोहम्मद( बहावलपुर)और लश्कर ए तैयबा (मुरीदके) के ठिकानों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है. पिछले स्ट्राइक में हमने उनके लाॅचिंग पैड पर हमला किया था, तो यह हमारी बड़ी जीत है.

भारतीय सेना ने अपने हवाई क्षेत्र से पाकिस्तान को कैसे बनाया निशाना

2019 में भारतीय सेना ने जो सर्जिकल स्ट्राइक किया था, उसमें सेना को एलओसी क्राॅस करके पीओके के अंदर जाना पड़ा था, लेकिन इस बार भारतीय सेना ने पूरी तरह अपने क्षेत्र से पाकिस्तान पर हमला किया और उनके नौ ठिकानों को तबाह किया गया है. भारतीय सेना ने राफेल लड़ाकू विमानों की मदद से इस स्ट्राइक को अंजाम दिया है. भारतीय सेना द्वारा किए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देते हुए लेफ्टिनेंट कर्नल जेएस सोढ़ी (रिटायर्ड) बताते हैं कि हमारी सेना ने इस बार जिस ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया है, उसकी खासियत यह है कि भारत ने एक इंच भी अपनी हवाई क्षेत्र का उल्लंघन नहीं किया है. इस स्ट्राइक के लिए भारत ने राफेल लड़ाकू जेट का इस्तेमाल किया. राफेल जेट की खासियत यह है कि इसमें बीवीआर(Beyond Visual Range) तकनीक है, जिसकी मदद से सेट टारगेट तक जाना जरूरी नहीं होता है, बल्कि उसे कंप्यूटर में देखकर उसतक फायर किया जा सकता है. इस तकनीक की मदद से भारतीय वायुसेना के पायलटों ने अपने सेट टारगेट पर निशाना साधा और उसे पूरी तरह बर्बाद कर दिया.

हैमर, स्कैल्प और सुसाइड ड्रोन के जरिए भारत ने पाकिस्तान में किया विध्वंस

भारत ने राफेल जेट की मदद से पाकिस्तान पर हमला किया और आतंकी ठिकानों को नेस्तानाबूद कर दिया. लेफ्टिनेंट कर्नल जेएस सोढ़ी बताते हैं कि भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर में हैमर और स्कैल्प मिसाइल के जरिए अपने टारगेट पर हमला किया. ये दोनों मिसाइलें 250 किलोमीटर की रेंज तक फायर कर सकती हैं. दोनों मिसाइलों को राफेल जेट पर तैनात किया गया था. हैमर मिसाइल की खासियत यह है कि यह क्रंकीट यानी बिल्डिंग को भी बर्बाद करने में सक्षम है. इसके अलावा हमारी सेना ने सुसाइड ड्रोन का इस्तेमाल भी स्टाइक में किया, जिसे kamikaze drones कहा जाता है. kamikaze जापानी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ होता है सुसाइड . यह ड्रोन एक सुसाइड बॉम्बर की तरह काम करता है. यह अपने टारगेट तक जाता है, कुछ देर वहां घूमकर उसका निरीक्षण करता है और फिर अपने को उड़ा लेता है. जब ड्रोन खुद को उड़ाता है, तो उसमें मौजूद तमाम गोला बारूद की वजह से टारगेट बर्बाद हो जाता है. भारत ने इस सुसाइड ड्रोन का निर्माण बेंगलुरु में किया है, इस देसी ड्रोन ने नौ टारगेट को ध्वस्त किया.

बहावलपुर का पाकिस्तान में क्या है महत्व

बहावलपुर पाकिस्तान का एक अहम शहर है. यह पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित है. आजादी के वक्त यह एक अहम रियासत था और बंटवारे के बाद बहावलपुर ने सबसे पहले पाकिस्तान में शामिल होने का फैसला किया था. यह धरती नवाबों की थी. बताया जाता है कि जब पाकिस्तान सरकार की हालात बहुत खराब थी तो बहावलपुर ने मोहम्मद अली जिन्ना को मदद के तौर पर सात करोड़ रुपए दिए थे. हालांकि बीसीसी न्यूज के अनुसार पाकिस्तानी सेना यह कहती है कि बहावलपुर का हम उतना महत्वपूर्ण नहीं मानते और ना ही वहां सेना की प्रतिरक्षात्मक प्रणाली बहुत विकसित है. हालांकि भारत के लिए बहावलपुर महत्वपूर्ण टारगेट था क्योंकि यहां जैश ए मोहम्मद का मुख्यालय है.

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By Rajneesh Anand

राजनीति,सामाजिक, इतिहास, खेल और महिला संबंधी विषयों पर गहन लेखन किया है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में रुचि. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक. IM4Change, झारखंड सरकार तथा सेव द चिल्ड्रन के फेलो के रूप में कार्य किया है. पत्रकारिता के प्रति जुनून है. प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव.

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