Generation Beta : जानें, जेन बीटा की विशेषताओं के बारे में

एक जनवरी, 2025 से जेनरेशन बीटा का दौर शुरू हो चुका है. यह पीढ़ी बड़े पैमाने पर डिजिटल तकनीक का यूज करेगी, सो अपने पूर्ववर्ती से अलग भी होगी.

Generation Beta : नये वर्ष में प्रवेश के साथ एक नयी पीढ़ी का आरंभ हो चुका है. इस पीढ़ी का नाम है जेनरेशन बीटा. माना जा रहा है कि इस पीढ़ी में कई विशेषताएं होंगी जो अपने पूर्ववर्ती से इन्हें अलग साबित करेंगी. एक नजर जेनरेशन बीटा से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों पर.

इन विशेषताओं से लैस होगी नयी पीढ़ी

  • डिजिटल तकनीक का बड़े पैमाने पर उपयोग करने वाले युग में पैदा होने के कारण यह पीढ़ी निरंतर परस्पर जुड़ने, दोस्ती बनाने, सीखने और काम करने की दुनिया में बड़ी होगी, जहां डिजिटली लोगों से जुड़ना सामान्य सी बात होगी.
  • माना जा रहा है कि नयी पीढ़ी दूसरों के साथ जुड़े रहने और खुद को अभिव्यक्त करने के बीच संतुलन बनाने का तरीका ढूंढ लेगी.
  • सामाजिक विश्लेषक और जनसांख्यिकी विशेषज्ञ मार्क मैकक्रिंडल का मानना है कि जेन बीटा, अपने माता-पिता के मार्गदर्शन के सहारे ऑनलाइन और वास्तविक जीवन दोनों में अपनी एक सुरक्षित और गंभीर डिजिटल पहचान बनायेगी.
  • अनुमान है कि जेन बीटा हाइपर-कनेक्टिविटी और व्यक्तिगत अभिव्यक्ति के बीच संतुलन बनाने में सफल रहेगी. यह पीढ़ी वैश्विक डिजिटल समुदायों के साथ व्यक्तिगत संबंधों को पुनर्परिभाषित करेगी.
  • उम्मीद की जा रही है कि जेन बीटा जीवन की कठिनाइयों से निपटने के लिए कौशल विकसित कर लेगी.
  • यह जेनरेशन समग्र स्वास्थ्य (स्वास्थ्य के शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, सामाजिक और आध्यात्मिक पक्ष) पर ध्यान देगी और व्यावहारिक जीवन कौशल अपनायेगी. इस तरह की जीवनशैली अपनाने से नयी पीढ़ी तात्कालिक परिवेश को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने में सक्षम हो पायेगी.

समावेशी व समानता के माहौल में होगा लालन-पालन

चूंकि इस पीढ़ी का पालन-पोषण मिलेनियल्स यानी जेन वाई और जेन जेड की पुरानी पीढ़ी द्वारा किया जायेगा, सो ऐसी उम्मीद की जा रही है कि यह पीढ़ी जिज्ञासा और समावेशिता को बढ़ावा देने वाले माहौल में पलेगी-बढ़ेगी. चूंकि जेन वाई और जेन जेड के कई लोग अनुकूलनशीलता, समानता और पर्यावरण को प्राथमिकता देते हैं, ऐसे में जेन बीटा पहले से कहीं अधिक वैश्विक विचारधारा में विश्वास करने वाली, समुदाय पर ध्यान देने वाली और सहयोगी होगी. उनके पालन-पोषण में नवाचार के महत्व पर जोर तो होगा, पर यह केवल सुविधाओं के लिए नहीं होगा, बल्कि अपने समय की गंभीर चुनौतियों के समाधान के लिए भी होगा.

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इन चुनौतियों से होना होगा दो-चार

जेनरेशन बीटा को अनेक चुनौतियों से जूझती दुनिया भी विरासत में मिलेगी. जलवायु परिवर्तन, वैश्विक स्तर पर जनसंख्या परिवर्तन और तेजी से बढ़ते शहरीकरण की समस्या उनके सामने होगी, जिनका समाधान उन्हें तलाशना होगा.

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By Aarti Srivastava

Aarti Srivastava is a contributor at Prabhat Khabar.

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