शिक्षक बनने की आस

शिक्षक पात्रता परीक्षा का परिणाम आये दो माह बीतने को है. शिक्षकों की कमी के कारण समस्याओं से घिरे सूबे के प्रारंभिक विद्यालयों में बहाली प्रक्रिया शुरू करना तो दूर उम्मीदवारों को प्रमाण-पत्र भी अभी तक नहीं दिया गया है. अभी ऐसा लग रहा है कि यह सरकार के प्राथमिकता में शामिल ही नहीं. केवल […]

शिक्षक पात्रता परीक्षा का परिणाम आये दो माह बीतने को है. शिक्षकों की कमी के कारण समस्याओं से घिरे सूबे के प्रारंभिक विद्यालयों में बहाली प्रक्रिया शुरू करना तो दूर उम्मीदवारों को प्रमाण-पत्र भी अभी तक नहीं दिया गया है. अभी ऐसा लग रहा है कि यह सरकार के प्राथमिकता में शामिल ही नहीं. केवल नये-नये विद्यालय खोलने के संबंध में मुख्यमंत्री घोषणाएं करते हुए घूम रहे हैं.
न जाने उन्हें ऐसा क्यों लगता है कि सिर्फ विद्यालय खोल कर ही सूबे में शिक्षा का स्तर ऊपर लाया जा सकता है. पर ऐसा संभव नहीं हो सकता. सरकार को पहले जो विद्यालय खोले गये हैं, उसपर ध्यान देना चाहिए. इससे सरकार का संसाधन भी बचेगा और शिक्षा में सुधार भी आयेगा. मुझे उम्मीद है इस पर विभाग तुरत ध्यान देगा.
प्रभात प्रसाद, विष्णुगढ़, हजारीबाग

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >