आर्थिक नीति और राजनीति

भारत की आर्थिक नीति क्यों हिचकोले खाती है? हमारे आर्थिक विशेषज्ञ इसका कारण विदेशी व्यवस्थाओं में ढूंढ़ते हैं, लेकिन इसकी वजह घरेलू समस्याएं हैं. ये समस्याएं हैं, गंठबंधन की राजनीति, राज्य बनाम केंद्र और सत्ता के बदलते समीकरण. ऐसे में, व्यवस्था में स्थिरता नहीं आ रही है और आरोप-प्रत्यारोप के चक्कर में सारे कामकाज ठप्प […]

भारत की आर्थिक नीति क्यों हिचकोले खाती है? हमारे आर्थिक विशेषज्ञ इसका कारण विदेशी व्यवस्थाओं में ढूंढ़ते हैं, लेकिन इसकी वजह घरेलू समस्याएं हैं. ये समस्याएं हैं, गंठबंधन की राजनीति, राज्य बनाम केंद्र और सत्ता के बदलते समीकरण.

ऐसे में, व्यवस्था में स्थिरता नहीं आ रही है और आरोप-प्रत्यारोप के चक्कर में सारे कामकाज ठप्प पड़े हैं. फिर देश विकास कैसे करेगा? इसलिए आर्थिक नीति को ठीक करने के लिए पहले राजनीति को दुरुस्त करना होगा. हम जनता को ऐसे उम्मीदवार की नियुक्ति करनी होगी, जो देश के हित के लिए कार्य करे. उम्मीद है कि आगामी लोकसभा चुनाव में किसी पार्टी या गंठबंधन को स्पष्ट जनादेश मिलेगा. इसके साथ लालफीताशाही पर भी पाबंदी जरूरी है. अगर यह सब होता है, तो अपने आप विदेशी निवेशक भारत की ओर आकर्षित होने लगेंगे और हालात सुधरेंगे. रामप्रसाद, हजारीबाग

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >