संसद में महिला आरक्षण विधेयक वर्षो से अटका पड़ा है. राहुल गांधी कांग्रेस पार्टी के सबसे ताकतवर नेता हैं और केंद्र में उनकी पार्टी की सरकार है. ऐसे में उन्हें महिला आरक्षण पर अध्यादेश लाना चाहिए. महिलाओं के कल्याण के लिए वायदे तो बड़े-बड़े किये जाते हैं, लेकिन उन्हें पूर्ण रूप कोई नहीं देता. अब तो लोकसभा चुनाव भी नजदीक है. जो अब तक इतने सालों से नहीं हो पाया, वह अब क्यों नहीं हो सकता?
कांग्रेस-भाजपा जैसे प्रमुख दल आगे आकर महिलाओं को 30 फीसदी टिकट देने का साहस दिखायें. अन्यथा नेताओं के भाषण झूठी वाहवाही लूटने तक सीमित दिखेंगे. अगर वे ऐसा करते हैं, तो उनकी कथनी और करनी पर जनता भी भरोसा करेगी. अगर देश का विकास चाहिए, तो महिलाओं को ताकतवर और स्वावलंबी बनाना होगा. देश के विकास में महिलाओं का भी उतना ही योगदान है, जितना पुरुषों का.
चिंता देवी, लोहरदगा
