तेंदुए का आतंक और सहमा हुआ शहर

पिछले दिनों खबर मिली की मेरठ शहर में एक तेंदुए ने काफी आतंक मचा रखा है. शहर में कफ्र्यू सा माहौल बन गया है. इस दौरान पूरी व्यवस्था मूकदर्शक बनी हुई थी. उसे पकड़ने में व्यवस्था से कई तरह की गलतियां हुईं. खैर, मुद्दा यह है कि तेंदुआ शहर में आया कैसे? मोटामोटी कारण तो […]

पिछले दिनों खबर मिली की मेरठ शहर में एक तेंदुए ने काफी आतंक मचा रखा है. शहर में कफ्र्यू सा माहौल बन गया है. इस दौरान पूरी व्यवस्था मूकदर्शक बनी हुई थी. उसे पकड़ने में व्यवस्था से कई तरह की गलतियां हुईं. खैर, मुद्दा यह है कि तेंदुआ शहर में आया कैसे? मोटामोटी कारण तो यही दिखता है कि शहरीकरण और औद्योगिक विकास के कारण हम जंगलों को लीलते गये.

अब जंगली जानवरों का घर छिन गया हो, तो वे शहर की ओर ही भागेंगे. दूसरा कारण यह भी है कि अब जंगली क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन का असर दिखने लगा है. ऐसे में, वे जानवर जो अधिक गरमी या सर्दी सहन नहीं कर पाते, जंगल छोड़ देते हैं. हालांकि यह तर्क पूरी तरह से सत्य जान नहीं पड़ता, लेकिन यह सच है कि जलवायु परिवर्तन से जंगलों पर संकट आ गया है. लेकिन ऐसे ही जानवर जंगल छोड़ने लगे, तो शहरों का क्या होगा?

शुभम कौशिक, ई-मेल से

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >