पता चला कि निम्नलिखित बिंदुओं के चलते न्यायालय ने उपर्युक्त किताब पर प्रतिबंध लगाया है – 1. गांधीजी गोमांस खानेवालों से सहमत थे. जबकि, वे स्वयं निरामिष भोजी थे. यहां तक कि उनके आश्रम में सामिष भोजन की भी मनाही थी. 2. स्वामी विवेकानंद जी ने गोमांस खाने की सलाह दी थी. जबकि, स्वामी जी ने गोमांस के सेवन कि सलाह दी हो ऐसी कोई चर्चा जानकारी नहीं मिलती है.
3. सूर्य ने कुंती से बलात्कार किया था. जबकि, कुंती ने स्वयं मंत्रों के माध्यम से सूर्य का आह्वान किया था. 4. सीता लक्ष्मण पर मोहित थीं. जबकि, ऐसी चर्चा हमारे किसी ग्रंथ में नहीं है. यह कथन अमेरिका में प्रचलित सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित लगता है. 5. ईस्वी सन् 600-1600 तक कश्मीर भारत का अंग नहीं था. जबकि, श्रीनगर की स्थापना सम्राट अशोक ने की थी. तब से यह भारत का हिस्सा है.
चक्रपाणि सिंह, हटिया, रांची
