गांधीवादी समाजसेवी अन्ना हजारे देश में एक बड़ी जनजागृति जरूर ले आये हैं, जिसका असर आज सबके सामने है. एक ताजा घटनाक्रम में उन्होंने सभी पार्टियों के नेताओं से अपने कुछ खास सवालों के जवाब मांगे थे, जिसमें सिर्फ अकेली बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ही उनके ठीक उत्तर दिये हैं. इसी से खुश और प्रभावित अन्ना ने उनका आगामी लोकसभा चुनाव में साथ और समर्थन देने का प्रोग्राम बनाया है. वे पहले केजरीवाल का साथ देने की भी इच्छा जाहिर कर चुके हैं.
अब केजरीवाल के इन सवालों के जवाब न देने से लगता है कि गुरु व चेले में ठन गयी है. केजरीवाल से कुछ गलितयां जरूर हुई हैं जो कि स्वाभाविक भी हैं और जिन्हें वे खुद मान भी चुके हैं. खैर, गुरु और चेले के बीच भावी प्रतियोगिता भी देखने लायक होगी, जिसके बाद पता चलेगा कि ये राष्ट्रहित में क्या करते हैं.
वेद प्रकाश, ई-मेल से
