आजकल झारखंड को विशेष राज्य का दरजा देने की मांग जोर पकड़ती जा रही है. कहा जा रहा है कि झारखंड विशेष राज्य की शर्ते पूरी करता है, बिना इसके झारखंड का विकास हो ही नहीं सकता, यह झारखंड का हक है और इसे झारखंडी लोग लेकर रहेंगे.
झारखंड का भी विकास कभी हो सकता है, यह शोध का विषय बन चुका है. 13 साल से अधिक हो गये इसकी स्थापना के, लेकिन विकास के नाम पर प्रदेश सिफर रहा. क्या इसलिए कि इसे विशेष राज्य का दरजा नहीं मिला था या इतने दिनों तक यहां के राजनेतागण विशेष राज्य का दर्जा मिलने का इंतजार कर रहे थे? गवर्नेस क्या होती है, इसका क..ख.. ग.. भी नहीं पता. आधारभूत संरचना तक बना नहीं पाये और चले हैं विशेष राज्य का दरजा मांगने! इनसे कुछ नहीं होने वाला. इन्हें सिर्फ टुच्ची राजनीति करनी आती है.
विनय कुमार सिन्हा, रांची
