चीन की धौंस

दलाई लामा को लेकर चीन इतना संवेदनशील क्यों रहता है? वो एक संत हैं. लाखों बौद्धों के धर्मगुरु हैं. उन्हें 1989 में नोबेल के शांति पुरस्कार से नवाजा जा चुका है. अब बतायें कि ये हमारे राष्ट्रपति से मिलने राष्ट्रपति भवन गये, तो चीन को क्यों आपत्ति होने लगी. इतना ही नहीं पिछले दिनों वे […]

दलाई लामा को लेकर चीन इतना संवेदनशील क्यों रहता है? वो एक संत हैं. लाखों बौद्धों के धर्मगुरु हैं. उन्हें 1989 में नोबेल के शांति पुरस्कार से नवाजा जा चुका है. अब बतायें कि ये हमारे राष्ट्रपति से मिलने राष्ट्रपति भवन गये, तो चीन को क्यों आपत्ति होने लगी. इतना ही नहीं पिछले दिनों वे जब मंगोलिया के दौरे पर गये थे, तो चीन ने मंगोलिया पर आर्थिक प्रतिबंध लगा दिया.
डोनाल्ड ट्रम्प ने ताइवान के राष्ट्रपति के साथ बात क्या कर ली, चीन ने अमेरिका को खरी-खोटी सुना दी. कब तक उसके दादागीरी को विश्व समुदाय बरदाश्त करता रहेगा? समूचे विश्व को उसके खिलाफ एकजुट हो जाना चाहिए. वह पाकिस्तानी आतंकवाद को नैतिक एवं आर्थिक सहायता प्रदान कर रहा है. इसके खिलाफ ये दुनिया कब गोलबंद होगी? कब तक हम चीनी धौंस तले जीते रहेंगे?
जंग बहादुर सिंह, गोलपहाड़ी

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