पिछले दिनों पौधरोपण का दौर बड़ी तेजी से चला, जो बहुत खुशी की बात है़ इस पर बहुत धन, बल आदि भी खर्च हुआ. नेता लोग इसमें कुछ ज्यादा ही सक्रिय रहे जो और भी अच्छी बात है क्योंकि यही लोग तो जनता के बड़े उत्प्रेरक हैं.
देश के कई राज्यों में पौधरोपण का पुण्य कार्य हुआ, जोकि एक नयी आशा और संपन्नता को दर्शाता है. एक बड़ा सवाल यहां यही है कि पौधरोपण तो सरल हो सकता है मगर इन पौधों की सही देखरेख कहीं अधिक कठिन पर आवश्यक है़ अत: प्राण से भी प्रिय इन पौधों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास बहुत जरूरी हैं.
वेद मामूरपुर, दिल्ली
