जलवायु परिवर्तन ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया है. अब इसके परिणाम कहीं अत्यधिक बारिश, बाढ़, बर्फ या सूखे के रूप में देखने को मिल रहे हैं. समुद्र का पानी निरंतर बढ़ रहा है तो ग्लेशियर पिघलते जा रहे हैं. इसके लिए विकसित देश ज्यादा जिम्मेदार हैं.
लेकिन ये देश विकासशील देशों के ऊपर अपना ठीकरा फोड़ते रहते हैं. यह समस्या किसी एक देश की नहीं बल्कि पूरे विश्व की है. इससे निबटने के लिए एकजुट होकर ही प्रयास किये जाने चाहिए. वरना अभी जो हालात हैं, आने वाले समय इसके भयंकर परिणाम देखने और झेलने को मिलेंगे.
सुरेश साहू, बोकारो
