मील का पत्थर

लगभग दशकभर की खींचतान के बाद आखिरकार केंद्र सरकार देश के ऊपरी सदन राज्यसभा में जीएसटी विधेयक पारित कराने में कामयाब हुई. देश को इस बिल का लंबे समय से इंतजार था. यह देश के लिए सुखद खबर है. राष्ट्रीय स्तर पर कर सुधार की दिशा में यह बड़ा कदम है. साथ ही एक समान […]

लगभग दशकभर की खींचतान के बाद आखिरकार केंद्र सरकार देश के ऊपरी सदन राज्यसभा में जीएसटी विधेयक पारित कराने में कामयाब हुई. देश को इस बिल का लंबे समय से इंतजार था. यह देश के लिए सुखद खबर है. राष्ट्रीय स्तर पर कर सुधार की दिशा में यह बड़ा कदम है. साथ ही एक समान कर प्रणाली का रास्ता भी साफ हो गया है. अब इसे कानून का मूर्त रूप देना बाकी है, जिसे केंद्र सरकार पूरा करा लेगी, इसकी पूरी संभावना है.

केंद्र सरकार विपक्षी पार्टियों को भी साधने में कामयाब हुई. विपक्ष के साथ सरकार का संवाद काम आया. काफी समय बाद सदन एक मत में दिखा. जीएसटी पर जिस तरह का सकारात्मक रुख सभी ने दिखाया, सदन पर इससे देश की आम जनता में नयी आस जगी है कि आगे भी देश के तमाम विषयों पर पक्ष-विपक्ष एक सुर में बिना गतिरोध के संसद चलने दें, तभी हमारा राष्ट्र तरक्की की दिशा में और आगे बाढ़ेगा.

नारायण कैरो, लोहरदगा

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