जीएसटी के मायने

राज्यसभा में जीएसटी बिल पास होने के बाद पूरे देश में यह चर्चा का विषय बना हुआ है. सही मायने में जीएसटी लागू होने और देश में एकल कर व्यवस्था से सरकार के साथ-साथ आम लोगों को भी फायदा है. इसके लागू होने से महंगाई कम हो सकती है, साथ में भ्रष्टाचार भी कम होने […]

राज्यसभा में जीएसटी बिल पास होने के बाद पूरे देश में यह चर्चा का विषय बना हुआ है. सही मायने में जीएसटी लागू होने और देश में एकल कर व्यवस्था से सरकार के साथ-साथ आम लोगों को भी फायदा है. इसके लागू होने से महंगाई कम हो सकती है, साथ में भ्रष्टाचार भी कम होने की भी संभावना है.
अब इसको लागू होने के लिए नियमानुसार कम से कम 15 राज्यों के विधानसभा में पास करवाना अनिवार्य है. ऐसे में सोचने वाली बात यह है कि क्या जीएसटी को 15 राज्यों से स्वीकृति मिल सकती है? क्या वे राज्य इसके पक्ष में आयेंगे, जिन्हें इससे लाभ के बजाय हानि होगी? इन सबका उत्तर भविष्य में छिपा है.
ऐसे में सरकार को इसे लागू कराने में देरी नहीं करनी चाहिए, जैसा कि मोदी सरकार ने कहा है कि इसमें जिन राज्यों को इससे हानि होगी, उनका ध्यान रखा जायेगा. ऐसे में इसके लागू होने के बाद देश की अर्थव्यवस्था में सुधार हो सकता है और राजस्व भी बढ़ने की संभावना है.
मिथिलेश शर्मा, साबड़ा, बोकारो

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