केजरीवाल सरकार यदि कायदे-कानून और मान-मर्यादा से पिछली सरकारों से अच्छा काम करके दिखाती, तो निश्चित ही यह इतिहास के पन्नों में अमर हो जाती. अन्ना आंदोलन से प्रभावित जनता ने इस पार्टी को सिर-आंखों पर बिठाया. मगर हुआ क्या? झूठ, फरेब और चालाकी अधिक दिन नहीं चलती क्योंकि जनता अब जागरूक है, जिसे और भ्रमित नहीं किया जा सकता.
इसलिए बेकार की बकवासबाजी, बेतुके टकराव और प्रधानमंत्री मोदी व उप-राज्यपाल नजीब जंग जैसे सभ्य और विरले लोगों के लिए अभद्र भाषा और ओछी हरकतें बंद करें. अब भी सुधरने का वक्त है इसलिए पिछली गलतियों से सबक लेकर पुनः अच्छे कार्यों से आगे बढ़ सकते हैं. अब भी वक्त है, कर ले पूरी आरजू.
वेद मामूरपुर, नरेला
