धृतराष्ट्र बनते शिक्षक!

परीक्षा में नकल आज भी आम बात है, चाहे वह बिहार हो या झारखंड. खबरों में ऐसी चीजें जब आती हैं तो हम आश्चर्य जताते हैं, लेकिन हम में से सब अक्सर इससे दो-चार होते हैं. छात्र-छात्राएं परीक्षा देने ‘चिट’ लेकर जाते हैं, जिसे कहीं ‘चुटका’, तो कहीं ‘पुरजा’ बुलाते हैं. यहां मैं अपना निजी […]

परीक्षा में नकल आज भी आम बात है, चाहे वह बिहार हो या झारखंड. खबरों में ऐसी चीजें जब आती हैं तो हम आश्चर्य जताते हैं, लेकिन हम में से सब अक्सर इससे दो-चार होते हैं. छात्र-छात्राएं परीक्षा देने ‘चिट’ लेकर जाते हैं, जिसे कहीं ‘चुटका’, तो कहीं ‘पुरजा’ बुलाते हैं.
यहां मैं अपना निजी अनुभव साझा कर रही हूं. कॉलेज का नाम नहीं लूंगी, क्योंकि मैं भी एक छात्रा हूं. यहां परीक्षा हॉल में सरेआम चोरी चलती है और शिक्षक मूक बने रहते हैं. हंसी तो तब आती है जब चोरी करके परीक्षा पास करने वाले ये छात्र अपने अच्छे भविष्य की कामना करते हैं. खैर, युवाओं की तो उम्र ही बहकने वाली होती है लेकिन शिक्षक तो अपनी जिम्मेदारी समझें.
शिक्षक कड़ी कार्रवाई करने के बजाय इन हरकतों को अनदेखा करते हैं. हद तो तब हो जाती है जब शिक्षक जमीन पर गिरे चुटकों को उठाकर दूसरे छात्र तक पहुंचाते हैं. इन सबके कारण उनका मनोबल टूटता है जो मेहनत से पढ़ कर परीक्षा देने आते हैं. सच में, हमारे शिक्षक ‘धृतराष्ट्र’ बन चुके हैं, जो गलत देख कर भी उसे अनदेखा करते हैं.
संजना शिप्पी, बरियातू, रांची

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >