त्वरित कार्रवाई अच्छी

यह जानकार अच्छा लगा कि भारत का विदेश मंत्रालय, चुरू राजस्थान के एक सज्जन के ट्वीट से हरकत में आया और सऊदी अरब में पिछले 10 दिनों से भूखे-प्यासे करीब 10 हजार भारतीय कामगारों को इमदाद पहुंचाया. यह बहुत अच्छी बात है क्योंकि सुषमा स्वराज जी का विभाग लगातार विदेशों में, मुसीबत में फंसे भारतीयों […]

यह जानकार अच्छा लगा कि भारत का विदेश मंत्रालय, चुरू राजस्थान के एक सज्जन के ट्वीट से हरकत में आया और सऊदी अरब में पिछले 10 दिनों से भूखे-प्यासे करीब 10 हजार भारतीय कामगारों को इमदाद पहुंचाया. यह बहुत अच्छी बात है क्योंकि सुषमा स्वराज जी का विभाग लगातार विदेशों में, मुसीबत में फंसे भारतीयों की न सिर्फ मदद कर रहा है बल्कि उन्हें वापस भरत भी लाया जा रहा है.

मगर मेरे मन में प्रश्न यह उठ रहा है कि अगर देश में कहीं 10 हजार लोग भुखमरी का शिकार होते, तो क्या भारत सरकार या कोई भी राज्य सरकार उन्हें मदद पहुंचाती? जितनी शिद्दत से सऊदी में मदद पहुंचायी गयी, भारत के अंदर उतनी तत्परता क्यों नहीं दिखायी जाती? भारत में इस वक्त 20 प्रतिशत आबादी ऐसी है जो गरीबी के कारण दो जून की रोटी भरपेट नहीं खा पा रही है़

इन्हें कोई सहायता क्यों नहीं दी जा रही है? कई दफा ओडिशा के कालाहांडी क्षेत्र में या बुंदेलखंड में लोगों को घास खाते देखा जाता है. उन्हें तो किसी ने कोई मदद नहीं की. उलटे कोई भी भुखमरी का शिकार होकर मर जाता है तो प्रसाशन के लोग कहते हैं कि उसे सांप ने काटा होगा या बीमारी से मर गया होगा. त्वरित कार्रवाई होना अच्छा है, मगर केवल विदेशों में ही नहीं देश पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए.

जंग बहादुर सिंह, गोलपहाड़ी, जमशेदपुर

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