नवजोत सिंह सिद्धू ने राज्यसभा की सदस्यता को छोड़ कर नयी पारी शुरू करने का फैसला किया है. नवजोत सिद्धू दंपती के इस निर्णय से भाजपा को आगे झटका लग सकता है. कोई इसे अवसरवादी करार दे सकता है, तो कोई साहसिक कदम.
कयास लगाया जा रहा है कि आम आदमी पार्टी उन्हें वहां मुख्यमंत्री के रूप में पेश करे. यह भी संभव है कि नवजोत सिंह सिद्धू वहां के मुख्यमंत्री बन भी जाएं, लेकिन क्या वे पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में रहेंगे. क्योंकि सिद्धू लक्ष्यवान होने के साथ-साथ स्वछंद विचारों के रहे हैं. साथ ही दिल्ली से पंजाब बड़ा राज्य है. ऐसे में सिद्धू के मन में कई भाव उठ सकते हैं. खैर आगे क्या-क्या होगा, यह तो भविष्य के गर्भ में है. कुछ भी हो पंजाब का भला होना चाहिए.
संतोष सिन्हा, गोला रोड, रामगढ़
