आज भारत विश्व का सबसे युवा देश है. 65 फीसदी आबादी 35 वर्ष से काम आयु की है. लेकिन, अगर हमने इस युवा शक्ति का उचित फायदा नहीं उठाया, तो यही युवा शक्ति हमारे देश के लिए मुसीबत और बोझ भी बन सकती है.
इसके लिए सबसे पहले देश की शिक्षा व्यवस्था को बदलने की जरूरत है. अगर हम युवा को संसाधन के रूप में देखें और शिक्षा और स्वस्थ व्यवस्था को बेहतर करने पर जोर दें, उनके कौशल का पूर्ण इस्तेमाल करने के लिए उचित कौशल केंद्र बनाये जाएं, तब हम काफी हद तक एक नये भारत का सपना साकार कर सकेंगे .
सोनल कुमार महतो, टालीगंज, कोलकाता
