शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव जी नवनियुक्त शिक्षकों कि स्थिति दयनीय हो चुकी है. एक तो 90% की नियुक्ति दूसरे जिलों में हो गयी है तथा इसमें से अधिकतर पारा शिक्षक से सहायक शिक्षक बने हैं.
सब इससे सहमत होंगे कि सर्टिफिकेट जांच जरूरी है, पर क्या 15 दिनों में यह संभव है कि करीब 12,000 शिक्षकों के सर्टिफिकेट जांच इतने कम समय में पूरा कर लिया जायें . क्या 2015 में नियुक्त शिक्षकों के सर्टिफिकेट की जांच कर उनका वेतन दिया गया है.
फिर सभी जिला के डीएसइ का तबादला भी हो गया. क्या फिर भी शिक्षा विभाग जांच कर 15 जुलाई तक भुगतान कर पायेगा, देखनेवाली बात होगी. कितनी सारी महिलाएं दूसरे जिलों में सात महीने से गुजारा कर रही हैं. आप शपथ पत्र के आधार पर वेतन का भुगतान कराइये और जिनका सर्टिफिकेट जांच में गलत साबित होता है, उन पर कड़ी कार्रवाई कीजिये.
निरंजन सिंह, सिकटिया
