प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए झारखंड एजुकेशनल ट्रिब्यूनल का गठन किया गया था, जो कि पूरी तरह असफल रहा. हकीकत यह है कि अभी भी निजी स्कूल मनमाने ढंग से अभिभावकों से किताब, बस फीस, स्कूल ड्रेस सहित विभिन्न प्रकार के अतिरिक्त शुल्क वसूलते हैं, जिससे अभिभावक पर भारी आर्थिक बोझ […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए झारखंड एजुकेशनल ट्रिब्यूनल का गठन किया गया था, जो कि पूरी तरह असफल रहा. हकीकत यह है कि अभी भी निजी स्कूल मनमाने ढंग से अभिभावकों से किताब, बस फीस, स्कूल ड्रेस सहित विभिन्न प्रकार के अतिरिक्त शुल्क वसूलते हैं, जिससे अभिभावक पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है. इससे निम्न वर्ग मध्यम के छात्रों की पढ़ाई अधर में लटक जाती है.