इसमें सभी शिकायतकर्ताओं के स्वागत, सम्मान और सुरक्षा की बहुत जरूरी गारंटी न देने और कुछ बड़े शासकों को बचाने जैसी बड़ी खामियां थीं. मगर इन खामियों को दूर करने वाले संशोधन इस पार्टी के गले ही नहीं उतरे. कारण साफ है कि कोई शासक से सेवक बनना नहीं चाहता़ सत्ता सबको प्रिय है. ऐसे हालात में यह वादा कैसे पूरा हो सकता था!
क्या हुअा तेरा वादा?
अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी अांदोलन से उपजी अाम अादमी पार्टी ने चुनाव पूर्व वादा किया था कि वह सत्ता में आते ही सशक्त लोकपाल लायेगी़ मगर बड़ी मुश्किल से वह लोकपाल तो लायी, लेकिन बहुत कमजोर, जिसे जोकपाल कहा गया़. इसमें सभी शिकायतकर्ताओं के स्वागत, सम्मान और सुरक्षा की बहुत जरूरी गारंटी न देने […]

अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी अांदोलन से उपजी अाम अादमी पार्टी ने चुनाव पूर्व वादा किया था कि वह सत्ता में आते ही सशक्त लोकपाल लायेगी़ मगर बड़ी मुश्किल से वह लोकपाल तो लायी, लेकिन बहुत कमजोर, जिसे जोकपाल कहा गया़.
वेद मामूरपुर, दिल्ली