निजी क्षेत्र के कर्मी व महंगाई

केंद्र सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी दे कर करीब 47 लाख कर्मियों और 53 लाख पेंशनधारियों को खुशी की सौगात दी है. अब निश्चित तौर पर राज्यों के कर्मी भी ऐसी ही मांग करेंगे, जो देर- सबेर संभवतः मान भी ली जायेंगी. महंगाई में बेतहाशा वृद्धि को देखते हुए कर्मियों के […]

केंद्र सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी दे कर करीब 47 लाख कर्मियों और 53 लाख पेंशनधारियों को खुशी की सौगात दी है. अब निश्चित तौर पर राज्यों के कर्मी भी ऐसी ही मांग करेंगे, जो देर- सबेर संभवतः मान भी ली जायेंगी. महंगाई में बेतहाशा वृद्धि को देखते हुए कर्मियों के वेतन में बढ़ोतरी न्यायसंगत हो सकती है.
किंतु जो निजी क्षेत्र में नौकरी कर परिवार का पालन पोषण बमुश्किल कर रहे है. देश की बड़ी आबादी निजी क्षेत्र में नौकरी कर जीवनयापन कर रहे हैं, जहां मामूली तनख्वाह में नियुक्त कर मानसिक व शारीरिक शोषण किया जाता है. सरकार को चाहिए कि इनके लिए भी कुछ ऐसा विचार करें, ताकि वे भी शोषणमुक्त व सम्मानित जीवनयापन कर सकें, वे भी देश के ही नागरिक हैं.
संतोष सिन्हा, गोला रोड, रामगढ़

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >