आदिवासी क्षेत्रों में ही नक्सली समस्याएं क्यों?

प्रायः देखा गया है कि आदिवासी क्षेत्रों में ही नक्सलवाद की समस्याएं हैं, ऐसा क्यों है? इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. उन क्षेत्रों की समस्याओं को जानने की जरूरत है. अगर उन क्षेत्रों में शोषण, गरीबी, अशिक्षा या बेरोजगारी वगैरह हैं, तो उसे दूर करने के विशेष प्रयास होने चाहिए. यदि सरकार […]

प्रायः देखा गया है कि आदिवासी क्षेत्रों में ही नक्सलवाद की समस्याएं हैं, ऐसा क्यों है? इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. उन क्षेत्रों की समस्याओं को जानने की जरूरत है.
अगर उन क्षेत्रों में शोषण, गरीबी, अशिक्षा या बेरोजगारी वगैरह हैं, तो उसे दूर करने के विशेष प्रयास होने चाहिए. यदि सरकार इन समस्याओं को दूर करने में सफल होती है, तो इन क्षेत्रों से नक्सलवाद स्वतः समाप्त हो जायेगा. इसके लिए सरकार को पूरी ईमानदारीपूर्वक चिंतन व अध्ययन कर इन क्षेत्रों के विकास के लिए योजनाएं एवं नीतियां निर्धारित करनी चाहिए.
प्रशासन को उन क्षेत्रों के लोगों को विश्वास में लेते हुए ग्रामीणों के साथ सहयोगात्मक रवैया अपनाना होगा, न कि दमनात्मक तरीका. वैसे तो केंद्र और राज्य सरकारें नक्सलवाद को खत्म करने के लिए प्रयासरत हैं, परंतु अब तक विशेष सफलता नहीं मिली है. इसे शक्ति के बल पर रोकना असंभव लगता है. अतः सरकार को इसके पनपने की तह में जाना होगा.
वशिष्ठ कुमार हेंब्रम, रांची

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