नीलगाय की हत्या क्यों?

नीलगाय समेत अन्य पशुओं को मारा जाना अब भी बहस का मुद्दा बना हुआ है. प्रश्न यह है कि क्या नील गायों को मारने के अलावा कोई और रास्ता नहीं था? क्या किसानों को पशुओं से अपनी फसलें बचाने के लिए यही एकमात्र उपाय रह गये थे? विकल्प तो और भी हो सकते थे. मैं […]

नीलगाय समेत अन्य पशुओं को मारा जाना अब भी बहस का मुद्दा बना हुआ है. प्रश्न यह है कि क्या नील गायों को मारने के अलावा कोई और रास्ता नहीं था? क्या किसानों को पशुओं से अपनी फसलें बचाने के लिए यही एकमात्र उपाय रह गये थे? विकल्प तो और भी हो सकते थे.
मैं एक सवाल पूछना चाहता हूं, मान लीजिए कोई चोर कई दुकानों में चोरी करता है और दुकानों का सामान भी नष्ट कर देता है. और वह चोर पकड़ा जाता है, तो क्या उसे मौत की सजा सुनायी जायेगी? नहीं ना! तो फिर बेजुबान पशुओं को मौत की सजा क्यों?
पालुराम हेंब्रम, सालगाझारी

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >