काफी दिनों के नाटक के बाद आखिरकार आसाराम बापू गिरफ्तार हो ही गये. लेकिन प्रश्न यह उठता है कि यदि आसाराम बापू पाक-साफ हैं और उन्होंने कोई गलत कार्य नहीं किया है तो फिर वे पुलिस से बचते क्यों फिर रहे थे?
यदि उन्होंने कोई गलत कार्य नहीं किया था तो पहले दिन ही उन्हें सामने आकर यह कहना चाहिए था कि मैं स्वयं जांच के लिए तैयार हूं, चाहे जिस एजेंसी से जांच करा ली जाये. उनके इस कदम से जनता का पूरा समर्थन उन्हें मिलता, लेकिन अब तक के पूरे घटनाक्रम और उनके आचरण को देखते हुए से ऐसा लग रहा है कि शायद वही कसूरवार हैं.
वैसे यह पहला मौका नहीं जब आसाराम बापू ऐसे आरोपों से घिरे हैं, इसके पहले भी उनके आश्रम में कुछ बच्चों कि संदिग्ध स्थिति में मौतें हुई थीं. ऐसे मे सबसे बड़ा सवाल यह है कि आसाराम साधु हैं या शैतान?
मनीष कुमार आनंद, हंसडीहा, दुमका
