‘सामाजिक समरसता वर्ष’ से एका

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने द्वितीय सरसंघचालक ‘श्रीगुरुजी’ माधवराव गोलवलकर की जन्मशताब्दी वर्ष को ‘सामाजिक समरसता वर्ष’ घोषित कर वर्ष भर अनेक कार्यक्रम आयोजित किये. इस अखिल भारतीय समरसता अभियान में लोगों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया और स्वच्छता, शुचिता, पवित्रता का आग्रह समाज के सभी वर्गो के समक्ष रखा. इससे समाज के लोगों को […]

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने द्वितीय सरसंघचालक ‘श्रीगुरुजी’ माधवराव गोलवलकर की जन्मशताब्दी वर्ष को ‘सामाजिक समरसता वर्ष’ घोषित कर वर्ष भर अनेक कार्यक्रम आयोजित किये. इस अखिल भारतीय समरसता अभियान में लोगों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया और स्वच्छता, शुचिता, पवित्रता का आग्रह समाज के सभी वर्गो के समक्ष रखा.
इससे समाज के लोगों को अपने निकट लाने में सफलता मिली. स्वच्छता, शुचिता और पवित्रता को लेकर छूआछूत की भावना से ग्रस्त लोगों की मान्यता बदली और जो स्वयं को अछूत मानते थे, उनका स्वाभिमान जागा. वे स्वच्छता और शिक्षा की ओर अग्रसर हुए. परिणामत: आज एक दलित नेता शासक बना. अब तृतीय सरसंघचालक बाला साहब देवरस की जन्म शताब्दी वर्ष पर भी कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिससे सामाजिक एका बन सकेगा.
स्वामी गोपाल आनंद, चितरपुर, रामगढ़

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >