मैं इस बार इंटर की परीक्षा के मूल्यांकन कार्य में लगा हूं लेकिन बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि वहां पर मुङो व्यापक भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ रहा है. इसमें हेड एक्जामिनर की संलिप्तता ही सबसे ज्यादा है. यूं तो जैक के द्वारा मूल्यांकन प्रक्रिया की निगरानी के लिए क्लोज सर्किट (सीसीटीवी) कैमरा लगाया गया है, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं दिख रहा है.
10-15 से कम प्राप्तांक को भी पैसे ले कर 23 और 33 कर दिया जाता है. अगर 23 से 40 अंक लाने वालों की जांच हो तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा. ऐसे में प्रभात खबर के माध्यम से जैक अध्यक्ष को इससे अवगत कराना चाहता हूं कि मूल्यांकन केंद्र को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए व्यवस्था को झकझोरें, ताकि इसे रोकने को सख्त कदम उठायें क्योंकि इसमें ईमानदार सह-परीक्षक पिसते रहते हैं.
रंजीत कुमार, ई-मेल से
