पंचवर्षीय योजना बनी शिक्षक नियुक्ति

झारखंड देश का एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां शिक्षक नियुक्ति पंचवर्षीय योजना बन गयी है. सुनने में भले ही यह विचित्र लगे, लेकिन यह सच है. झारखंड राज्य के नव उत्क्रमित उच्च विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रि या प्रारंभ हुए पांच वर्ष से अधिक हो गये हैं, लेकिन अभी तक मामला अधर में […]

झारखंड देश का एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां शिक्षक नियुक्ति पंचवर्षीय योजना बन गयी है. सुनने में भले ही यह विचित्र लगे, लेकिन यह सच है. झारखंड राज्य के नव उत्क्रमित उच्च विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रि या प्रारंभ हुए पांच वर्ष से अधिक हो गये हैं, लेकिन अभी तक मामला अधर में लटका है.

शिक्षकों की न तो नियुक्ति हो सकी है और न ही विद्यालयों को शिक्षक मिल सके. नतीजतन राज्य के सैकड़ों विद्यालयों के हजारों छात्रों का भविष्य अधर में लटका है. 2009-10 में राज्य के नवउत्क्रमित उच्च विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति का विज्ञापन आया था. फिर तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए विज्ञापन को झारखंड अकादमी काउंसिल को दिया गया. सरकार से अनुरोध है कि वह झारखंड के नवउत्क्रमित उच्च विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति जल्द करे.

विश्वजीत कुमार, भवनाथपुर, गढ़वा

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