बिजली की आंख मिचौली से परेशानी

रात में और उत्पादन में बिजली की भूमिका अहम होती है. झारखंड की उप राजधानी दुमका में इन दिनों बिजली की आंख मिचौली से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. शाम के समय सूरज ढलते ही बिजली कई घंटों तक गुम हो जाती है, जो देर रात तक नहीं आती. इससे गृहणियों […]

रात में और उत्पादन में बिजली की भूमिका अहम होती है. झारखंड की उप राजधानी दुमका में इन दिनों बिजली की आंख मिचौली से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. शाम के समय सूरज ढलते ही बिजली कई घंटों तक गुम हो जाती है, जो देर रात तक नहीं आती.
इससे गृहणियों को घरेलू काम-काज करने में परेशानी तो होती ही है, बच्चों की पढ़ाई भी पूरी तरह से बाधित होती है. दुख तो तब होता है, जब सड़क के किनारे लगी स्ट्रीट लाइटें दिन में भी सूरज की रोशनी से प्रतियोगिता करती हैं और रात में बिजली कॉलोनियों और गांवों से दूर होती है.
कुछ लोग बिजली के अभाव में जेनरेटर और इनवर्टर आदि का भी प्रयोग करते हैं, लेकिन जेनरेटर का इस्तेमाल पर्यावरण के साथ खिलवाड़ है. यह सब बिजली विभाग की अनदेखी के कारण हो रहा है. बिजली विभाग के आला अधिकारी ध्यान दें.
परमेश्वर झा, दुमका

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >