आखिर जनता किस पर करे विश्वास?

मैं प्रभात खबर के माध्यम से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह द्वारा एक साक्षात्कार के दौरान दिये गये बयान की ओर लोगों का ध्यान आकृष्ट करना चाहता हूं, जिसमें उन्होंने कहा था कि देश के हर गरीब के खाते में कालाधन वापस आने पर 15 लाख रुपये जमा करा दिये जाने की बात राजनीतिक […]

मैं प्रभात खबर के माध्यम से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह द्वारा एक साक्षात्कार के दौरान दिये गये बयान की ओर लोगों का ध्यान आकृष्ट करना चाहता हूं, जिसमें उन्होंने कहा था कि देश के हर गरीब के खाते में कालाधन वापस आने पर 15 लाख रुपये जमा करा दिये जाने की बात राजनीतिक जुमला भर था.
उनके इस बयान का मतलब तो यही निकलता है कि भाजपा और देश के प्रधानमंत्री द्वारा लोकसभा चुनाव के दौरान लोगों को सिर्फ लुभाने के लिए ही इस तरह के बयान दिये जा रहे थे.
हालांकि, इस देश की जागरूक जनता पहले से ही जानती है कि नेताओं द्वारा किये गये वादे अक्सर झूठे ही निकलते हैं. इसीलिए वह किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाती है. वह इस उधेड़बुन में रह जाती है कि आखिर वह यकीन करे तो किस पर करे.
रूपलाल बेदिया, ई-मेल से

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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