मानवता की राह पकड़े पाकिस्तान

पिछले कई महीनों से पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. उसने भारत के साथ छद्म युद्ध छेड़ा हुआ है.वह सैकड़ों बार संघर्ष विराम उल्लंघन कर चुका है और जम्मू-कश्मीर की सीमा के इलाकों में भारतीय नागरिकों को मार रहा है. घुसपैठियों को भी भारत में भेजने की कोशिश कर रहा है, […]

पिछले कई महीनों से पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. उसने भारत के साथ छद्म युद्ध छेड़ा हुआ है.वह सैकड़ों बार संघर्ष विराम उल्लंघन कर चुका है और जम्मू-कश्मीर की सीमा के इलाकों में भारतीय नागरिकों को मार रहा है. घुसपैठियों को भी भारत में भेजने की कोशिश कर रहा है, जिसे बार-बार हमारे जवानों ने रोका है. पाकिस्तान को मानवता के नाते इन हरकतों को छोड़ कर अपने देश की आर्थिक स्थिति पर विशेष ध्यान देना चाहिए.

मलाला यूसुफजई की बातों को कम से कम मानें, जिसे शांति का नोबेल पुरस्कार मिला है. पाकिस्तान ने अपने को खूनी खेल का अड्डा बना लिया है. वहां के प्रधानमंत्री के हाथों सेना संभल नहीं रही है, क्योंकि सीमा पार से भारत की ओर लगातार गोलीबारी हो रही है. उसकी भलाई इसी में है कि वह मानवता की राह पकड़े.

मनोज आजिज, जमशेदपुर

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