सेना के तीनों अंगों जल, थल व नभ सेना को मिलाकर चीफ ऑफ डिफेंस के पहले कर्ताधर्ता के रूप में जनरल विपिन रावत की नियुक्ति मोदी सरकार की एक अत्यंत महत्वाकांक्षी एवं दूरगामी कदम है व इसकी जितनी तारीफ की जाये कम है.
सन 2000 में कारगिल लड़ाई के समय तीनों सेनाओं में सामंजस्य स्थापित करने में थोड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, तब इसकी जरूरत महसूस हुई. अब कमान एक होने से सेना के तीनों अंगों में तारतम्यता आयेगी और लड़ाई के दौरान विरोधियों को कमजोर करने में हमें दिक्कत नहीं होगी.
जनरल रावत का थल सेना के अध्यक्ष के रूप में पीछे के रिकॉर्ड को देखते हुए इस महत्वपूर्ण पद पर नियुक्ति से सेना के तीनों अंगों एवं देश को फायदा होगा व हमारी सैन्य व्यवस्था काफी सुदृढ़ होगी. सीडीएस की स्थापना मोदी सरकार की अन्य उपलब्धियों की कड़ी में एक और मील का पत्थर है, जिसकी नववर्ष में हम सभी देशवासी स्वागत करते हैं.
डॉ हरि गोविंद प्रसाद, बेगूसराय
