यूपी में कानून-व्यवस्था की धज्जियां

पहले लूट, हत्या, डकैती, चोरी आदि की ताबड़तोड़ वारदातों के बाद हर रोज सामूहिक बलात्कार की घटनाएं अभी थमी भी नहीं, कि हर रोज हो रहे दंगों ने उत्तर प्रदेश को हिला कर रख दिया है. लेकिन इस राज्य के युवा मुख्यमंत्री अब भी कानून-व्यवस्था बेहतर होने की दुहाई दे रहे हैं. शायद इसीलिए अपराधियों […]

पहले लूट, हत्या, डकैती, चोरी आदि की ताबड़तोड़ वारदातों के बाद हर रोज सामूहिक बलात्कार की घटनाएं अभी थमी भी नहीं, कि हर रोज हो रहे दंगों ने उत्तर प्रदेश को हिला कर रख दिया है.

लेकिन इस राज्य के युवा मुख्यमंत्री अब भी कानून-व्यवस्था बेहतर होने की दुहाई दे रहे हैं. शायद इसीलिए अपराधियों के हौसले बुलंद हैं. उत्तर प्रदेश में लगातार सांप्रदायिक दंगों और बलात्कार की बाढ़ आ गयी है. प्रदेश में बच्चियों के साथ दुराचार की घटनाओं में वृद्धि स्वीकार करते हुए सरकार ने वर्ष 2013 में पोक्सो एक्ट के तहत 1796 घटनाएं पंजीकृत होने की बात कही.

प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में दाखिल हलफनामे में बताया है कि मई-जून 2014 के बीच सूबे में महिलाओं के साथ अपराध की 4300 घटनाएं दर्ज हुई हैं. ऐसी स्थितियों में क्या वहां राष्ट्रपति शासन नहीं लगना चाहिए?

सुरेश गांधी, ई-मेल से

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >