पाकिस्तान से कैसी उम्मीद?

‘पाकिस्तान ने फिर सीमा पर गोलीबारी की’- ये खबरें कुछ महीनों से अखबार की सुर्खियां बन गयी हैं. भारतीय सीमाओं का उल्लंघन करना पाकिस्तान की फौज का शगल-सा बन गया है क्योंकि ऐसी घटनाएं निरंतर घटती रहती हैं. लेकिन क्या पाकिस्तानी सेना के इस उग्र रवैये को हमें सहजता से लेते रहना चाहिए? आखिर सब […]

‘पाकिस्तान ने फिर सीमा पर गोलीबारी की’- ये खबरें कुछ महीनों से अखबार की सुर्खियां बन गयी हैं. भारतीय सीमाओं का उल्लंघन करना पाकिस्तान की फौज का शगल-सा बन गया है क्योंकि ऐसी घटनाएं निरंतर घटती रहती हैं.

लेकिन क्या पाकिस्तानी सेना के इस उग्र रवैये को हमें सहजता से लेते रहना चाहिए? आखिर सब कुछ जानते हुए भी भारत सरकार पाकिस्तान के प्रति उदारता से पेश क्यों आती है? समझा जा सकता है कि शरीफ हुकूमत की नीयत में ही खोट है. ‘जियो और जीने दो’ की नीति पाकिस्तानी सत्ता को शायद भाती नहीं.

अत: इस देश से सौहार्दपूर्ण संबंधों की उम्मीद कैसे की जा सकती है? समय रहते भारत को अपने पड़ोसी से जुड़ी नीति पर पुनर्विचार करना होगा, वरना बिगड़ैल पाकिस्तान हमें नुकसान पहुंचाने से बाज नहीं आयेगा.

रवि झा, जमशेदपुर

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