साइबर क्राइम का गढ़

झारखंड को अलग हुए 19 वर्ष बीत चुके हैं. जिस मकसद व विकास के पथ पर लाने के लिए बिहार को अलग करके झारखंड राज्य बनाया गया था, क्या हम उसमें कामयाब हो पाये हैं, यह अवश्य ही सोचने की बात है. एक तरफ जहां महेंद्र सिंह धौनी, दीपिका कुमारी आदि जैसे अनेक खिलाड़ियों ने […]

झारखंड को अलग हुए 19 वर्ष बीत चुके हैं. जिस मकसद व विकास के पथ पर लाने के लिए बिहार को अलग करके झारखंड राज्य बनाया गया था, क्या हम उसमें कामयाब हो पाये हैं, यह अवश्य ही सोचने की बात है.

एक तरफ जहां महेंद्र सिंह धौनी, दीपिका कुमारी आदि जैसे अनेक खिलाड़ियों ने राज्य का नाम पूरे देश व दुनिया में बढ़ाया है, वहीं भ्रष्टाचार में लिप्त नेताओं ने झारखंड की साख पर बट्टा लगाया है. यह जानकर दुख होता है कि आज साइबर क्राइम में भी झारखंड का एक खास क्षेत्र पूरी तरह संलिप्त है.
हाल ही में पंजाब के मुख्यमंत्री की पत्नी के अकाउंट से 23 लाख रुपये की निकासी की गयी है. प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण यह प्रदेश यदि साइबर क्राइम की वजह से चर्चा में बना रहता है, तो यह वाकई चिंताजनक है. सरकार से आग्रह है कि वह राज्य में बेरोजगारी पर भी ध्यान दें. इन घटनाओं की मुख्य वजह बेरोजगारी ही है.
कन्हाई, रांची

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