एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में संसाधनों की कमी है. बिहार में भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों व कर्मचारियों की कमी है. इसके कारण ग्रामीण इलाकों के लोगों को समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं. आंकड़ों के अनुसार, स्वास्थ्य बीमा का भी लाभ इसके कारण आम लोगों को नहीं मिल रहा है. सरकार व स्वास्थ्य विभाग को इस ओर विशेष ध्यान की जरूरत है.
संसाधनों की कमी को दूर कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों समृद्ध कर इसे व्यवस्थित बनाने की जरूरत है. इससे लोगों को अधिक-से-अधिक लाभ मिल सके. इलाज के लिए निकट के स्वास्थ्य केंद्र में सभी सुविधा उपलब्ध हो और दूर नहीं जाना पड़े. इससे मरीजों को स्वास्थ्य के साथ-साथ रुपयों की भी बचत होगी.
रमेश कुमार अकेला, हाजीपुर (वैशाली )
