जनता ने नरेंद्र मोदी पर पूरे भरोसे से बहुमत दिया है और इसलिए उनसे ढेर सारी अपेक्षाएं भी हैं. उन्होंने भी अपने निजी हित त्याग कर देश को दुनिया में उचित स्थान दिलाने का जो निश्चय किया है, वह प्रशंसनीय है. मोदी न तो किसी को आंख दिखाना और न ही किसी की आंख देखना पसंद करते हैं.
वे इसी नीति के तहत ही सही समाधान चाहते हैं, जो कि न्यायसंगत भी है. उन्हें अब आर्थिक विषमता और शोषण को समाप्त कर इन सबको भी समान रोजगार आदि के स्थायी हल से देश की मुख्य धारा में जोड़ना होगा, जिसमें सबकी भलाई है. स्थायी सुख-शांति हेतु यही एकमात्र हल है. अगर उनकी इस दिशा में उचित कार्यवाही, सहयोग, सम्मान और अपील आदि से भी ये चीजें काबू में नहीं आती हैं तो फिर उन्हें बाध्य होकर कड़ाई से ही पेश आना होगा.
वेद प्रकाश, ई-मेल से
