सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

सुप्रीम कोर्ट द्वारा आधार के संबंध में दिया गया फैसला ऐतिहासिक और स्वागतयोग्य है. संवैधानिक रूप से वैध करार देने के बावजूद कई आवश्यक सेवाओं के लिए कोर्ट ने आधार को अनिवार्य नहीं बता कर जनता के मन का फैसला सुनाया है. स्कूलों में नामांकन कराने, मोबाइल सिम लेने, बैंक खाता खोलने और विभिन्न परीक्षाओं […]

सुप्रीम कोर्ट द्वारा आधार के संबंध में दिया गया फैसला ऐतिहासिक और स्वागतयोग्य है. संवैधानिक रूप से वैध करार देने के बावजूद कई आवश्यक सेवाओं के लिए कोर्ट ने आधार को अनिवार्य नहीं बता कर जनता के मन का फैसला सुनाया है. स्कूलों में नामांकन कराने, मोबाइल सिम लेने, बैंक खाता खोलने और विभिन्न परीक्षाओं के लिए आधार को जरूरी नहीं कर कोर्ट ने जनता को कई परेशानियों से राहत पहुंचाने का कार्य किया है.

अब 14 वर्ष से छोटे बच्चों को भी बिना आधार के ही सभी सुविधाएं प्राप्त होंगी, जो बाल अधिकार की दिशा में बहुत बड़ा कदम है. सिम की आधार लिंकिग को असंवैधानिक बताते हुए टेलीकॉम कंपनियों को ग्राहकों का आधार डेटा डिलीट करने का आदेश देना, सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निजता के अधिकार की रक्षा में उठाया गया बड़ा कदम है.

अली रजा अंसारी, कैरो, लोहरदगा

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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