प्राकृतिक आपदा का प्रकोप दिन पर दिन बढ़ता ही जा रहा है. इनसे हर साल लाखों की आबादी प्रभावित हो रही है. कैरिबियाई द्वीप समूह के अलावे अमेरिका में पिछले एक सप्ताह के दौरान दो तूफानों ने तांडव किया. पहले हार्वे ने रुलाया और ठीक दो दिन बाद ‘इरमा’ ने कहर बरपाया. कितना नुकसान हुआ, इसका तो अभी आकलन ही नहीं हो पाया है.
क्या कारण है कि इन आपदाओं की संख्या दिनोंदिन बढ़ती ही जा रही है? भूमंडलीय तापमान में वृद्धि इसका मुख्य कारण है. प्रकृति का अंधाधुंध दोहन के कारण भी धरती का व्यवहार बदलता जा रहा है. अगर इसी तरह से दोहन होता रहा, तो वो दिन दूर नहीं जब समूचा अंटार्कटिक का बर्फ पिछल कर समुद्र में जा मिलेगा और जो 30% भूभाग बचा है वो भी जलमग्न हो जायेगा.
जंग बहादुर सिंह, गोलपहाड़ी
