जब तक देश में दहेज हटाओ, बेटी बचाओ नारे के साथ जन आंदोलन नहीं छेड़ा जाता और सरकार अपने एजेंडे में इसे शामिल नहीं करती तब तक सरकार का नव भारत निर्माण और महिला सशक्तिकरण का वादा पूरा नहीं होगा.
तीन तलाक के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाकर जिस तरह से मुस्लिम महिलाओं को इससे निजात दिलाई है, उसी तरह हिंदू महिलाओं को भी दहेज रूपी अभिशाप से छुटकारा दिलाना होगा. इस तरह के सुधारवादी काम मोदी सरकार ही कर सकती है. इतना तो दावे के साथ कहा जा सकता है. रक्षा मंत्री के रूप में एक महिला का चयन कर उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया है कि वे महिला सशक्तिकरण के लिए प्रयासरत हैं. बेटियों के लिए भी उन्होंने काफी योजनाएं शुरू की हैं.
पारो शैवलिनी, आसनसोल
